न्यूज़ डेस्क
पहलवानों को न्याय कैसे मिले इसको लेकर आज ऐतिहासिक सौरम गांव में किसानो और खापों की महापंचायत बैठ रही है। मुज़फ्फरनगर का यह सौरम गांव काफी ऐतिहासिक रहा है। इस गांव के पंचायत में किसानो और खापों ने कई मुद्दों को लेकर पंचायत की है। अब पहलवानों के मुद्दों पर पांच राज्यों के किसान और खाप के के लोग यहाँ पहुँच रहे हैं। पंचायत होने से पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि देश लोकतंत्र से तानाशाही की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को अच्छी तरह जानता हूं। 13 महीनों तक किसानों की आवाज नहीं सुनी गई। पहलवान बच्चों की आवाज 40 दिन में कैसे सुनाई देगी। उन्होंने कहा कि सरकार आरोपी के बचाव पर आएगी तो नाबालिग को बालिग और बालिग को नाबालिग कर देगी।
5 जून को होने वाली बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन में संतों की पंचायत पर भी राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा एक ठीक मौका हो सकता है कि बच्चियों को अयोध्या पंचायत में भेज दिया जाए। संत महात्मा बच्चियों के आरोपों का जवाब दे दें. किसान नेता ने कहा कि सरकार शांतिपूर्वक धरना दे रहे पहलवाों को जबरदस्ती उठा देती है। प्रदर्शनकारी पहलवानों की लड़ाई बहुत दूर तक जाएगी। हार कर बच्चियां चुप नहीं बैठनेवाली हैं। पंचायतों में बच्चियों के साथ नाइंसाफी की चर्चा होगी. मेडलों की अंतरराष्ट्रीय नीलामी से देश की छवि खराब होगी।
टिकैत ने कहा कि बेहतर है कि सरकार समस्या का समाधान निकाले। बच्चियों की मांग पूरी होनी चाहिए। पॉस्को एक्ट में सफाई देने का अधिकार नहीं होने के क्लॉज को हटाने की मांग पर उन्होंने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि हमने तो बार-बार कहा है कि कानून बना दो कि अगर किसी पर इस तरह की धाराएं लगती हैं तो उसकी गिरफ्तारी से पहले जांच हो।

