बीरेंद्र कुमार झा
देश में महिला पहलवानों का मामला तूल पकड़ने लगा है। किसान यूनियन के बाद ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने महिला पहलवानों के समर्थन का ऐलान किया है। ट्रेड यूनियन ने सभी जिला मुख्यालयों पर भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 1 जून को धरना प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। ट्रेड यूनियन ने शिकायत करने वाले पहलवानों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार की घोर पक्षपात वाली नीति की निंदा की है।
ट्रेड यूनियन का पक्ष
ट्रेड यूनियन के संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच ने पिछले 1 महीने से अधिक समय से न्याय की मांग कर रही महिला पहलवानों के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा क्रूर दमन की एक स्वर से निंदा की है। उन्होंने कहा 28 मई 2023 को पुलिस की कार्रवाई चौंकाने वाली थी। इससे साफ हो गया है कि यह सब अलोकतांत्रिक ,मनमानी और जाहिर तौर पर केंद्र सरकार के आदेश पर किया गया।
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप
गौरतलब है कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, इस शिकायतकर्ताओं में एक नाबालिग भी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज की गई थी, लेकिन उसके बाद भी गिरफ्तारी नहीं की गई।मtहिला पहलवानों ने हमारे पितृसत्तात्मक समाज में सामाजिक कलंक को झेलते हुए इसके खिलाफ शिकायत करने की बड़ी हिम्मत की थी।नई संसद के नाम पर खेले गए सैंगोल के नाटक को भी लोगों ने देखा और महिला पहलवानों की गिरफ्तारियों को भी देखा। यह बीजेपी के केंद्र सरकार के नाटक को उजागर करता है । सेंगोल आम लोगों के लिए न्याय का प्रतीक है।लेकिन महिला पहलवानों के साथ पुलिस के व्यवहार ने इस न्याय का खुलासा कर दिया। ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 1 जून 2010 को देश भर में बृजभूषण शरण सिंह की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की जाएगी। ट्रेड यूनियन के सभी मंच किसान यूनियन की 1 जून के धरने प्रदर्शन का समर्थन करेंगे।

