बीरेंद्र कुमार झा
कर्नाटक में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भी कांग्रेस के परेशानी खत्म नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच रविवार को पोस्टर वार देखने को मिला।दोनों नेताओं के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज होने के बीच नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे को विधायक दल का नेता चुनने के लिए अधिकृत किया।
कांग्रेस महा सचिव (संगठन ) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 3 केंद्रीय पर्यवेक्षक विधायकों की राय लेंगे और इसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा तीनों पर्यवेक्षक सुशील कुमार शिंदे, जितेंद्र सिंह और दीपक बाबरिया सोमवार तक अपनी रिपोर्ट मलिकार्जुन खरगे को सौंप देंगे ।इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक रविवार को बेंगलुरु में हुई। उस बैठक में ही तय किया गया कि विधायक दल के नेता का चुनाव कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे।
केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ की चर्चा
कांग्रेस पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पहला प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने पेश कर कर्नाटक के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से लोगों को धन्यवाद कहा है,जबकि एक लाइन का दूसरा प्रस्ताव सिद्धारमैया द्वारा पेश किया गया। बैठक से पहले वेणुगोपाल के साथ कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने सिद्धारमैया और डीके शिव कुमार के साथ चर्चा की। वहीं दिल्ली लौटने से पहले खड़गे ने कहा कि सरकार गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल 24 मई को समाप्त होने से पहले नवनिर्वाचित विधानसभा का गठन किया जाना है।
सिद्धरमैया व शिवकुमार के समर्थकों ने की नारेबाजी
कांग्रेस चुनाव से पहले कर्नाटक में अपने नेताओं के बीच एकजुटता बनाने में कामयाब रही, लेकिन मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उसे अब कठिन स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। बैठक स्थल के बाहर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के समर्थकों ने नारेबाजी की और बैनर लगाएं।इससे पहले दोनों नेताओं ने अपने-अपने वफादार विधायकों के साथ बैठकें की। दोनों पक्षों के बीच अपने नेता को अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने के साथ एक पोस्टर युद्ध भी शुरू हो गया है। डीके शिवकुमार को कांग्रेस पार्टी के लिए संकटमोचक माना जाता है, वही सिद्धरमैया राज्य भर में लोकप्रिय है।नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक से पहले डीके शिव कुमार ने सिद्धरमैया के साथ किसी तरह के मतभेद से इनकार किया।
बीजेपी जुटी हार के कारणों के विश्लेषण में
मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस द्वारा की जा रही माथापच्ची से इतर बीजेपी कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के हाथ मिली इस बड़ी पराजय के कारणों का विश्लेषण करने में जुट गई है,ताकि आगामी लोक सभा चुनाव में ऐसी दुर्गति न हो जाए। बीजेपी नेता और कर्नाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि पार्टी की प्रदेश इकाई ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के कारणों का पता लगाने के लिए समग्र चुनाव परिणामों और निर्वाचन क्षेत्रवार परिणामों का विस्तृत विश्लेषण करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं,उन सभी का विश्लेषण किया जाएगा।

