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बीजेपी दफ्तर में सन्नाटा क्यों भाई ? जवाब मिला अब बचा ही क्या है ?

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अखिलेश अखिल 

खबर बस इतनी भर है कि कर्नाटक चुनाव में बीजेपी की  हार हुई और कांग्रेस की जीत। इस हार जीत के आगे पीछे विशेषण के जो भी शब्द लगाते जाइये लेकिन कहानी यही है कि बीजेपी कर्नाटक से बेदखल हो गई। लेकिन यह कोई मामूली खबर भी नहीं है। यह खबर बीजेपी की जमीन को खिसका देने वाली है। आगे बीजेपी क्या कुछ करेगी इस पर नजर डालने की जरूरत है। कम सीटों के अंतराल से हार जीत होती तो बीजेपी खेल क्र जाती लेकिन अब उसके लिए कोई अवसर ही नहीं है। ऑपरेशन कमल अब कैसे होगा ? सबसे ज्यादा तकलीफ अमित शाह को हुई होगी। बीजेपी  के चाणक्य जो हैं ! कहते हैं कि उनके खेल को कोई समझ नहीं पाता। जब तक कोई समझे तब तक खेल पूरा हो चुका होता है। अंतिम सत्य यही है कि बीजेपी के हाथ से कर्नाटक निकलते ही दक्षिण भारत से उसका सुफरा साफ़ हो गया। दक्षिण भारत में कर्नाटक ही एक ऐसा राज्य था जहाँ उसकी गहरी पकड़ थी। उसी कर्नाटक की धरती से बीजेपी आंध्रा ,केरल और तेलंगाना के साथ ही तमिलनाडु को साथ रही थी या साधने में जुटी  थी। लेकिन यह किला ढहने के बाद अब सब कुछ ख़त्म सा हो गया। समय बदला गया। ऐसे ही समय बदलता ही। कोई भी सदा जीत हासिल नहीं करता। हार का स्वाद मिलने के बाद जीत की आकांक्षा बढ़ती है। बीजेपी को अब इसी आकांक्षा पर चलने की जरूरत होगी।    
उधर बीजेपी के दफ्तर में सन्नाटा फैला है। पहले जो बीजेपी नेता अकसर दफ्तर में बैठे मिलते थे और झूठ तैयार करते रहते थे ,ठस में रहने के आदि थे आज सब गायब रहे। दो चार लोगों से मुलाक़ात हुई। बात हुई तो कहने लगे अब बचा ही क्या है ? यह सबसे बड़ी हार है। पार्टी का दक्षिणी किला ढह गया। दक्षिण भारत से पार्टी गायब हो गई।              ताजा आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस ने 136  सीटों पर कब्जा कर लिया है। वहीं पार्टी अभी 2  सीटों पर आगे चल रही है। इस तरह से कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को कांग्रेस के हाथों करारी हार झेलनी पड़ी है। कांग्रेस मुख्यालयों में दिल्ली से लेकर कर्नाटक तक जश्न का माहौल है, वहीं बीजेपी पार्टी दफ्तर में सन्नाटा है। कांग्रेस की जीत पर दूसरे दलों के नेताओं के साथ-साथ कुछ जाने माने बड़े चेहरों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।         
 तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बीजेपी की हार पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कर्नाटक के लोगों ने बजरंगबली जी के बदले एलपीजी को चुना है। इसके लिए कर्नाटक की जनता को धन्यवाद। वहीं विश्व बैंक के पूर्व मुख्‍य अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने ट्वीट कर कहा कि कर्नाटक जो आज सोचता है, भारत कल सोचता है।
         समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कर्नाटक चुनाव को लेकर अपनी राय जाहिर की है। अखिलेश ने ट्वीट कर कहा, “कर्नाटक का संदेश ये है कि बीजेपी की नकारात्मक, सांप्रदायिक, भ्रष्टाचारी, अमीरोन्मुखी, महिला-युवा विरोधी, सामाजिक-बंटवारे, झूठे प्रचार वाली, व्यक्तिवादी राजनीति का ‘अंतकाल’ शुरू हो गया है। ये नये सकारात्मक भारत का महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और वैमनस्य के खिलाफ सख्त जनादेश है।”
              पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने भी बीजेपी पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “आज शनिवार है ,रुष्ट बजरंगबली की गदा का प्रबल प्रहार हुआ। विकास,भ्रष्टाचार, बेरोजगारी,महंगाई जैसे मूल मुद्दों को किनारे कर नफ़रत और ध्रुवीकरण का घिसा पिटा फार्मूला लाना काम नहीं आया….चाणक्य नीति धूल धूसरित हो गई? मोदी जी ने बहुत ज़ोर लगाया….मोदी मैजिक फुस्स होने लगा क्या?”
                कर्नाटक में कांग्रेस की भारी जीत के बाद पार्टी के नेता राहुल गांधी ने राज्य की जनता का आभार जताते हुए कहा कि नफरत की दुकान अब बंद हो गई है और प्यार की दुकान खुल गई है। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों की ताकत ने क्रोनी कैपिटलिज्म की ताकत को हरा दिया है। 

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