न्यूज़ डेस्क
दिल्ली मेट्रो लगातार अपने को अपग्रेड करता जा रहा है। नया अपग्रेड यह है कि अब यात्री टोकन की बजाये क्यूआर कोड आधारित पेपर टिकट से यात्रा करेंगे। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। दिल्ली मेट्रो ने बताया कि उन्होंने सभी स्टेशनों पर किराया इकट्ठा करने वाले ऑटोमैटिक गेट्स को अपग्रेड कर दिया है और साथ ही टोकन/कस्टमर केयर काउंटरों को भी क्यूआर कोड आधारित पेपर टिकटिंग सिस्टम के लिए तैयार कर दिया है। बता दें कि पिछले कुछ समय से दिल्ली मेट्रो द्वारा लगातार क्यूआर आधारित टिकटिंग सिस्टम का ट्रायल किया जा रहा था। दिल्ली मेट्रो ने बताया है कि क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम की शुरुआत करते हुए हर स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट के लिए किराया इकट्ठा करने वाले एक-एक ऑटोमेटिक गेट को लगाया गया है।

इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो ने यह भी बताया है कि उनका लक्ष्य, जून 2023 तक किराया इकट्ठा करने वाले सभी ऑटोमेटिक गेटों को क्यूआर कोड आधारित टिकटों के लिए अपग्रेड करना है। इसके साथ ही डीएमआरसी द्वारा टिकट वेंडिंग मशीन्स को भी अपग्रेड किया जाएगा ताकि क्यूआर आधारित टिकट जारी किये जा सकें। इतना ही नहीं दिल्ली मेट्रो इस महीने के अंत तक मोबाइल आधारित क्यूआर टिकट्स को इंट्रोड्यूस कर सकता है ताकि मेट्रो में सफर को और भी ज्यादा आसान, आरामदायक, और समय बचाने वाला बनाया जा सके।
यात्री स्टेशन में एंट्री लेकर क्यूआर आधारित पेपर टिकट खरीद सकते हैं। आपको बता दें कि यह क्यूआर आधारित पेपर टिकट रिफंडेबल नहीं होते यानी इन्हें वापस नहीं किया जा सकता। जिस स्टेशन से आपने क्यूआर कोड आधारित टिकट ली हो आप उसके अलावा किसी और स्टेशन से एंट्री नहीं कर सकते। एक बार क्यूआर आधारित टिकट जारी हो गयी हो तो यात्री के पास एंट्री के लिए 60 मिनट का समय होता है। फिर 60 मिनटों के अन्दर अगर आप एंट्री नहीं लेते हैं तो आपकी टिकट इनवैलिड हो जायेगी और आप किसी भी तरह से उसका इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे।
