नई दिल्ली: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने शनिवार को इतिहास रच दिया। इसरो ने देर रात श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने अब तक के सबसे भारी रॉकेट LVM3-M2 लॉन्च किए गए। इसे लो अर्थ ऑर्बिट में सफलता से स्थापित कर दिया गया है। इसरो ने इस रॉकेट के जरिए 36 ब्रॉडबैंड संचार उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा है।
#WATCH | ISRO launches LVM3-M2/OneWeb India-1 Mission from Satish Dhawan Space Centre (SDSC) SHAR, Sriharikota
(Source: ISRO) pic.twitter.com/eBcqKrsCXn
— ANI (@ANI) October 22, 2022
अंतरिक्ष विभाग के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) ने पूर्व में इसरो के LVM3 बोर्ड पर वनवेब लियो उपग्रहों को प्रक्षेपित करने के लिए लंदन-मुख्यालय वाली नेटवर्क एक्सेस एसोसिएटेड लिमिटेड (वनवेब) के साथ दो लॉन्च सेवा अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए थे।
निजी उपग्रह संचार कंपनी है वनवेब
वनवेब एक निजी उपग्रह संचार कंपनी है, जिसमें भारत की भारती एंटरप्राइजेज एक प्रमुख निवेशक और शेयरधारक है। रविवार को, 43.5 मीटर लंबा रॉकेट 24 घंटे की उलटी गिनती के अंत में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से देर रात 12 बजकर 7 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया। इस रॉकेट की क्षमता 8,000 किलोग्राम तक के उपग्रहों को अंतरिक्ष में ले जाने की है।

