बीरेंद्र कुमार झा
2024 ईस्वी में होने वाले लोकसभा चुनाव में नए मॉडल के ईवीएम का प्रयोग होगा। चुनाव आयोग ने सभी जिलों को नए ईवीएम का आवंटन जारी कर दिया है। नए ईवीएम से एक लोकसभा क्षेत्र में एक कंट्रोल 384 प्रत्याशियों का एक साथ मतदान कराया जा सकता है। इसके कंट्रोल यूनिट में 24 बैलट यूनिट को जोड़ा जा सकता है।पूर्व के ईवीएम में 1 लोकसभा क्षेत्र में 64 प्रत्याशियों का ही साथ में मतदान कराया जा सकता था । चुनाव आयोग के निर्देश पर भेल कंपनी द्वारा ईवीएम का M3 मॉडल तैयार किया गया है।
बिहार के हर जिले में पहुंच गया है बैलट यूनिट और कंट्रोल यूनिट
बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं। बिहार को आयोग द्वारा करीब 1 लाख 20 हजार बैलट यूनिट और करीब 1लाख कंट्रोल यूनिट आवंटित किया गया है। इसी प्रकार से 1 लाख 15 हजार वीवीपैट आवंटित किया गया है। आयोग द्वारा बिहार के हर जिलों को आवंटित किया गया उनके कोटे का बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट पहुंचाया जा चुका है। चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों को वीवीपैट भी पहुंचाया जा रहा है।
M 3 मॉडल के ईवीएम की खासियत
M3 मॉडल का ईवीएम मशीन ,पुराने मशीन से कई मायने में अपग्रेडेड है। इसमें कम खराबी आने की गुंजाइश है। साथ ही अगर ईवीएम के साथ किसी प्रकार का छेड़छाड़ किया जाता है, तो यह स्लीप मोड में चला जाता है। नए ईवीएम की बैटरी 50% होने की स्थिति में भी इससे दिनभर मतदान कराया जा सकता है। नए मॉडल की ईवीएम M 3 मॉडल की यह भी खासियत है कि मतदान के पहले जब कंट्रोल यूनिवर्सिटी बैलेट यूनिट और वीवीपैट को जोड़ा जाएगा तो कंट्रोल यूनिट पहले स्वत: अपनी जांच करेगा उसके बाद बैलट यूनिट की ,और उसके बाद भीभीपेट की जांच करने के बाद ही मशीन मतदान के लिए तैयार होगा।
तेलंगाना के निजामाबाद लोकसभा क्षेत्र में 185 प्रत्याशी थे मैदान में
2019 ईस्वी में हुए लोकसभा चुनाव में तेलंगाना की निजामाबाद सीट उस समय सुर्खियों में आ गया,जब यहां से 185 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को रोचक कर दिया। सत्तारूढ़ टीआरएस के मुखिया के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता भी चुनाव लड़ी थी। आयोग को यहां पर मतदान के लिए 26 हजार ईवीएम से मतदान कराना पड़ा था।
