न्यूज डेस्क
वैसे तो राहुल गांधी ने पहले ही 12 तुगलक रोड वाले बंगले से अपने समान को शिफ्ट कर लिया है लेकिन आज वे खुद ही आवास अधिकारियों को बंगले की चाबी सौप देंगे । सांसदी खत्म होने के बाद 22 अप्रैल तक उन्हें सरकार आवास खाली करने को कहा गया था ।
बता दें कि राहुल गांधी को दिल्ली में अपना कोई निजी आवास नही है । पार्टी से जुड़े काफी लोगों ने उन्हे अपना घर देने का ऑफर दिया था । कई लोगों ने तो इनके नाम अपने घर की रजिस्ट्री भी करा दी है । लेकिन राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के साथ रहने का निर्णय लिया । सोनिया गांधी दस जनपथ रहती है । बीते 14 अप्रैल को राहुल गांधी ने अपना सामान सोनिया गांधी के आवास पर शिफ्ट कर दिया था । राहुल गांधी पहली बार 2004 में उत्तर प्रदेश के अमेठी से सांसद चुने गए और 2019 में उन्होंने वायनाड से लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की थी।
जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी आज शनिवार 22 अप्रैल को 12, तुगलक लेन स्थित बंगला लोकसभा सचिवालय को सौंप देंगे। बंगला खाली करने की समय सीमा पूरी हो रही है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी खुद संबंधित संपत्ति विभाग के अधिकारियों को चाबियां सौंपेंगे। राहुल की बहन प्रियंका गांधी ने भी लोधी एस्टेट हाउस खाली करते समय ऐसा किया था। साल 2020 में प्रियंका गांधी से भी सरकारी आवास खाली करवाया गया था।
सूत्रों ने कहा कि गांधी ने शुक्रवार शाम को अपने बचे हुए सामान को उस बंगले से हटा दिया। यह बंगला उन्हें एक सांसद के रूप में आवंटित किया गया था। एक ट्रक को उनके सामान के साथ इमारत से बाहर जाते देखा गया। वह करीब दो दशक से इस बंगले में रह रहे थे। अपना कार्यालय बदलने के बाद, वह पहले से ही अपनी मां और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ उनके 10, जनपथ स्थित आवास पर रहना शुरू कर चुके हैं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को मोदी उपनाम से संबंधित मामले में टिप्पणी को लेकर दो साल की सजा सुनाई गई थी। सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद उनसे 22 अप्रैल तक परिसर खाली करने के लिए कहा गया था। कांग्रेस के पूर्व प्रमुख ने 14 अप्रैल को अपने कार्यालय और कुछ निजी सामान को बंगले से स्थानांतरित कर दिया था। बता दें कि सूरत की एक अदालत ने 23 मार्च को गांधी को मानहानि का दोषी ठहराया था और उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद वह सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किए गए थे।
