सूडान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा कैसे हो इसको लेकर पीएम मोदी की अगुवाई में आज होगी बैठक

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न्यूज डेस्क
सूडान में जारी संघर्ष काफी भयावह होता जा रहा है । सेना और रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच जारी इस खूनी संघर्ष मे अभी तक 300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं जबकि 3 हजार से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं । कहा जा रहा है कि मारने वालों की संख्या और ज्यादा हो सकती है जबकि घायलों की संख्या में भी भारी इजाफा होने को बात है ।

इधर पीएम मोदी ने गृह युद्ध प्रभावित सूडान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। पीएम इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान वहां से देश के लोगों को सुरक्षित निकालने पर चर्चा होगी।

गौरतलब है, सूडान में सेना व रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच जारी गृहयुद्ध को लेकर मंगलवार देर शाम को दोनों पक्षों ने 24 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमति जताई थी, लेकिन बहुत जल्द यह युद्धविराम टूट गया। बुधवार को पांचवें दिन तक देश में डब्ल्यूएचओ ने 270 मौतों की बात कही जबकि 2,600 से ज्यादा घायल बताए थे।

इस बीच, वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भारत पूरे मामले पर करीबी नजर रखे हुए है और विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई व सऊदी अरब से वार्ता कर समन्वय शुरू कर दिया है। गोलाबारी व हवाई हमलों ने राजधानी खारतूम और नील नदी के ओमडुरमैन शहर को हिलाकर रख दिया है। देश में किसी अनजान जगह पर 31 भारतीयों के फंसे होने की खबरें भी हैं।

भारतीयों की सुरक्षा पर जयशंकर ने चार देशों से चर्चा के बाद ट्वीट किया कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान का शुक्रिया, जो हमारे संपर्क में हैं। उन्हें सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान व ब्रिटेन-अमेरिका से भी व्यावहारिक समर्थन का आश्वासन मिला है।

जिस तरह को खबरे आ रही वाह काफी चिंता वाली है । सड़को पर लड़े पड़ी दिख रही है और घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाला भी कोई नही है । आम लोग डर को वजह से घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं । जो निकलते हैं वे भी खूनी संघर्ष के शिकार होते जा रहे हैं ।

खबर के मुताबिक इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर बच्चो और महिलाओं पर पड़ता दिख रहा है । इसके साथ ही जो लोग दूसरे देश के वहां काम कर रहे हैं इनकी जिंदगी भी तबाह हो गई है । भारत के काफी लोड सूडान में हैं । यही वजह है कि भारत को चिंता काफी बढ़ी हुई है ।

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